दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने का मतलब है कि दवा फैक्ट्री से निकलकर ग्राहक तक पहुंचने तक उसी हालत में रहे जैसी निर्माता ने तय की है। इसके लिए पांच बातें सबसे जरूरी हैं: अधिकृत सप्लायर से खरीद, हर बैच की जांच, लेबल के अनुसार भंडारण, FEFO से स्टॉक रोटेशन और पूरा रिकॉर्ड। यह गाइड मेडिकल स्टोर मालिकों, फार्मासिस्ट और डिस्ट्रीब्यूटर के लिए व्यावहारिक कदम बताती है।
1. सही सप्लायर और बिल से शुरुआत करें
गुणवत्ता की पहली कड़ी खरीद है। अगर स्रोत संदिग्ध है, तो बाद की सारी सावधानी बेकार हो सकती है।
- केवल लाइसेंसधारी और अधिकृत होलसेलर या डिस्ट्रीब्यूटर से ही खरीदें। उनका ड्रग लाइसेंस नंबर अपने रिकॉर्ड में रखें।
- हर खरीद का पक्का बिल लें, जिसमें दवा का नाम, बैच नंबर, निर्माता, एक्सपायरी डेट और मात्रा साफ लिखी हो।
- बिना बिल, असामान्य रूप से सस्ती या अनजान स्रोत से आई दवा न खरीदें।
माल प्राप्त करते समय क्या जांचें
- बिल और पैकेट पर लिखा बैच नंबर व एक्सपायरी आपस में मेल खाते हों।
- पैकिंग फटी, गीली, पिचकी या सील टूटी न हो।
- लेबल की छपाई साफ हो; धुंधली या असामान्य पैकिंग पर सप्लायर से पूछताछ करें।
- कोल्ड-चेन वाली दवाएं आने पर उन्हें तुरंत निर्देशित तापमान पर रखें।

2. लेबल के अनुसार सही भंडारण
हर दवा के पैक पर भंडारण निर्देश लिखे होते हैं, जैसे “ठंडी व सूखी जगह रखें” या “2°C से 8°C के बीच रखें”। इन्हें ही अंतिम निर्देश मानें, अंदाजे से नहीं।
तापमान नियंत्रण
कोल्ड-चेन दवाएं केवल निर्देशानुसार फ्रिज में रखें। जहां आवश्यक हो, रोज तापमान दर्ज करें।
धूप, नमी और गर्मी से बचाव
दवाओं को सीधी धूप, खिड़की, दीवार की सीलन और गर्म उपकरणों से दूर रखें।
सफाई और कीट नियंत्रण
रैक नियमित साफ करें, कार्टन सीधे फर्श पर न रखें और कीट नियंत्रण का शेड्यूल बनाएं।
फ्रिज में दवाएं ठूंसकर न भरें, ताकि हवा का प्रवाह बना रहे। फ्रिज में खाने-पीने की चीजें न रखें। बिजली कटौती के दौरान तापमान बिगड़ने की स्थिति के लिए पहले से योजना रखें।
3. FEFO और स्टॉक रोटेशन
FEFO यानी First Expiry, First Out — जिस दवा की एक्सपायरी पहले है, वह पहले बिकनी चाहिए। यह FIFO (पहले आया, पहले गया) से अधिक सुरक्षित तरीका है, क्योंकि कभी-कभी नया माल पुरानी एक्सपायरी वाला भी आ सकता है।
- नजदीकी एक्सपायरी वाला स्टॉक रैक में आगे रखें।
- हर महीने अगले कुछ महीनों में एक्सपायर होने वाली दवाओं की सूची बनाएं।
- सॉफ्टवेयर में बैच-वार स्टॉक दर्ज करें, ताकि अलर्ट मिल सके।
4. खराब, लौटाई गई और एक्सपायर्ड दवाओं का प्रबंधन
एक्सपायर्ड या क्षतिग्रस्त दवा कभी न बेचें। ऐसा स्टॉक बिक्री वाले स्टॉक से तुरंत अलग करें।
- “बिक्री के लिए नहीं” लेबल वाला अलग बॉक्स या क्षेत्र बनाएं।
- लीक, टूटी, रंग बदली या सील खुली दवाओं को इसी क्षेत्र में रखें।
- ग्राहक द्वारा लौटाई गई दवा को, जब तक उसकी भंडारण स्थिति की पुष्टि न हो, दोबारा बिक्री में न डालें। कोल्ड-चेन दवाओं में यह और भी जरूरी है।
- एक्सपायर्ड स्टॉक को सप्लायर की रिटर्न पॉलिसी या लागू नियमों के अनुसार वैध तरीके से लौटाएं या नष्ट कराएं, और इसका रिकॉर्ड रखें।

5. रिकॉल, ट्रेसबिलिटी और दस्तावेज
अगर किसी बैच पर रिकॉल या गुणवत्ता अलर्ट आता है, तो आपको तुरंत पता होना चाहिए कि वह बैच कहां से आया और किसे बेचा गया। इसके लिए ये रिकॉर्ड उपयोगी हैं:
रिकॉल सूचना मिलते ही प्रभावित बैच को बिक्री से हटाएं, अलग रखें और सप्लायर के निर्देशानुसार कार्रवाई करें।
6. स्टाफ प्रशिक्षण
सबसे अच्छी प्रणाली भी तभी काम करती है जब स्टाफ उसे समझे। नए कर्मचारियों को माल प्राप्ति, FEFO, फ्रिज प्रबंधन और खराब स्टॉक अलग करने की प्रक्रिया लिखित रूप में समझाएं। समय-समय पर छोटी रिफ्रेशर बैठक रखें। स्टाफ को यह भी सिखाएं कि संदेह होने पर दवा बेचने के बजाय फार्मासिस्ट से पूछें।
7. रोजाना और मासिक चेकलिस्ट
- ✅ हर खरीद अधिकृत सप्लायर से, पक्के बिल के साथ
- ✅ प्राप्ति पर बैच, निर्माता, एक्सपायरी और पैकिंग की जांच
- ✅ लेबल के अनुसार भंडारण; जरूरत हो तो तापमान लॉग
- ✅ धूप, नमी और गर्मी से सुरक्षा
- ✅ नियमित सफाई और कीट नियंत्रण
- ✅ FEFO के अनुसार रैक व्यवस्था
- ✅ मासिक नियर-एक्सपायरी सूची
- ✅ खराब/एक्सपायर्ड स्टॉक अलग और वैध निपटान
- ✅ रिकॉल के लिए बैच-वार रिकॉर्ड तैयार
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या एक्सपायरी से कुछ दिन पहले दवा बेचना ठीक है?
एक्सपायरी डेट तक दवा वैध है, लेकिन ग्राहक के उपयोग की अवधि ध्यान में रखें। बहुत कम बची अवधि वाली दवा के बारे में ग्राहक को बताना बेहतर अभ्यास है।
बिजली जाने पर फ्रिज की दवाओं का क्या करें?
फ्रिज का दरवाजा कम खोलें, तापमान दर्ज करें और यदि सीमा से बाहर गया हो तो निर्माता या सप्लायर से मार्गदर्शन लें।
क्या हर स्टोर को तापमान रिकॉर्ड रखना जरूरी है?
यह उत्पाद और लागू नियमों पर निर्भर करता है। जहां लेबल या नियम कहें, वहां रिकॉर्ड अवश्य रखें।
निष्कर्ष
दवाओं की गुणवत्ता किसी एक कदम से नहीं, बल्कि सही खरीद, सही भंडारण, FEFO, साफ-सफाई और पूरे रिकॉर्ड की निरंतर आदत से बनती है। आज ही ऊपर दी गई चेकलिस्ट को अपने स्टोर में लागू करें और नियमों की ताजा जानकारी के लिए अपने फार्मासिस्ट व स्थानीय ड्रग कंट्रोल कार्यालय से जुड़े रहें।